Here I post some interesting information which I gathers from News Papers or websites. This information helps me in making myself an informative and well human being and I think most of the readers may also be benefitted, if they go through the information provided here.
Saturday, August 30, 2025
Friday, July 4, 2025
जीवन जीने की कला
कल दिल्ली से मुंबई उड़ान में एक सज्जन मिले।
साथ में उनकी
पत्नि भी थीं।
सज्जन की उम्र करीब 80 साल रही होगी। मैंने पूछा नहीं लेकिन उनकी पत्नी भी 75 पार ही रही होंगी।
उम्र के सहज प्रभाव को छोड़ दें, तो दोनों करीब करीब फिट थे।
पत्नी खिड़की की ओर बैठी थींसज्जन बीच में और
मै सबसे किनारे वाली
सीट पर था।
उड़ान भरने के साथ ही पत्नी ने कुछ खाने का सामान निकाला और पति की ओर किया। पति कांपते हाथों से धीरे-धीरे खाने लगे।
फिर फ्लाइट में जब भोजन सर्व होना शुरू हुआ तो उन लोगों ने राजमा-चावल का ऑर्डर किया।
दोनों बहुत आराम से राजमा-चावल खाते रहे। मैंने पता नहीं क्यों पास्ता ऑर्डर कर दिया था। खैर, मेरे साथ अक्सर ऐसा होता है कि मैं जो ऑर्डर करता हूं, मुझे लगता है कि सामने वाले ने मुझसे बेहतर ऑर्डर किया है।
अब बारी थी
कोल्ड ड्रिंक की।
पीने में मैंने कोक का ऑर्डर दिया था।
अपने कैन के ढक्कन को मैंने खोला और धीरे-धीरे पीने लगा।
उन सज्जन ने कोई जूस लिया था।
खाना खाने के बाद जब उन्होंने जूस की बोतल के ढक्कन को खोलना शुरू किया तो ढक्कन खुले ही नहीं।
सज्जन कांपते हाथों से उसे खोलने की कोशिश कर रहे थे।
मैं लगातार उनकी ओर देख रहा था। मुझे लगा कि ढक्कन खोलने में उन्हें मुश्किल आ रही है तो मैंने शिष्टाचार हेतु
कहा कि लाइए...
" मैं खोल देता हूं।"सज्जन ने मेरी ओर देखा, फिर मुस्कुराते हुए कहने लगे कि...
"बेटा ढक्कन तो मुझे ही खोलना होगा।
मैंने कुछ पूछा नहीं,
लेकिन
सवाल भरी निगाहों से उनकी ओर देखा।
यह देख, सज्जन ने आगे कहा
बेटाजी, आज तो आप खोल देंगे।
लेकिन अगली बार..?
कौन खोलेगा.?
इसलिए मुझे खुद खोलना आना चाहिए।
पत्नी भी पति की ओर देख रही थीं।
जूस की बोतल का ढक्कन उनसे अभी भी नहीं खुला था।
पर पति लगे रहे और बहुत बार कोशिश कर के उन्होंने ढक्कन खोल ही दिया।
दोनों आराम से
जूस पी रहे थे।
मुझे दिल्ली से मुंबई की इस उड़ान में
*ज़िंदगी का एक सबक मिला।*
सज्जन ने मुझे बताया कि उन्होंने..
ये नियम बना रखा है,
कि अपना हर काम वो खुद करेंगे।
घर में बच्चे हैं,
भरा पूरा परिवार है।
सब साथ ही रहते हैं। पर अपनी रोज़ की ज़रूरत के लिये
वे सिर्फ पत्नी की मदद ही लेते हैं, बाकी किसी की नहीं।
वो दोनों एक दूसरे की ज़रूरतों को समझते हैं
सज्जन ने मुझसे कहा कि जितना संभव हो, अपना काम खुद करना चाहिए।
एक बार अगर काम करना छोड़ दूंगा, दूसरों पर निर्भर हुआ तो समझो बेटा कि बिस्तर पर ही पड़ जाऊंगा।
फिर मन हमेशा यही कहेगा कि ये काम इससे करा लूं,
वो काम उससे।
फिर तो चलने के लिए भी दूसरों का सहारा लेना पड़ेगा।
अभी चलने में पांव कांपते हैं, खाने में भी हाथ कांपते हैं, पर जब तक आत्मनिर्भर रह सको, रहना चाहिए।
हम गोवा जा रहे हैं,
दो दिन वहीं रहेंगे।
हम महीने में
एक दो बार ऐसे ही घूमने निकल जाते हैं।
बेटे-बहू कहते हैं कि अकेले मुश्किल होगी,
पर उन्हें कौन समझाए
कि
मुश्किल तो तब होगी
जब हम घूमना-फिरना बंद करके खुद को घर में कैद कर लेंगे।
पूरी ज़िंदगी खूब काम किया। अब सब बेटों को दे कर अपने लिए महीने के पैसे तय कर रखे हैं।
और हम दोनों उसी में आराम से घूमते हैं।
जहां जाना होता है एजेंट टिकट बुक करा देते हैं। घर पर टैक्सी आ जाती है। वापिसी में एयरपोर्ट पर भी टैक्सी ही आ जाती है।
होटल में कोई तकलीफ होनी नहीं है।
स्वास्थ्य, उम्रनुसार, एकदम ठीक है।
कभी-कभी जूस की बोतल ही नहीं खुलती।
पर थोड़ा दम लगाओ,
तो वो भी खुल ही जाती है।
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मेरी तो आखेँ ही
खुल की खुली रह गई।
मैंने तय किया था
कि इस बार की
उड़ान में लैपटॉप पर एक पूरी फिल्म देख लूंगा।
पर यहां तो मैंने जीवन की फिल्म ही देख ली।
एक वो फिल्म जिसमें जीवन जीने का संदेश छिपा था।
“जब तक हो सके,
आत्मनिर्भर रहो।”
अपना काम,
जहाँ तक संभव हो,
स्वयम् ही करो..............🌹🌹🌹🌹🌹🌹
Friday, May 9, 2025
विधि का विधान
विधि का विधान
*श्री राम का विवाह और राज्याभिषेक, दोनों शुभ मुहूर्त देख कर किए गए थे; फिर भी न वैवाहिक जीवन सफल हुआ, न ही राज्याभिषेक!*
*और जब मुनि वशिष्ठ से इसका उत्तर मांगा गया, तो उन्होंने साफ कह दिया
*"सुनहु भरत भावी प्रबल,*
*बिलखि कहेहूं मुनिनाथ।*
*लाभ हानि, जीवन मरण,*
*यश अपयश विधि हाथ।।"*
*अर्थात - जो विधि ने निर्धारित किया है, वही होकर रहेगा!*
*न राम के जीवन को बदला जा सका, न कृष्ण के!*
*न ही महादेव शिव जी सती की मृत्यु को टाल सके, जबकि महामृत्युंजय मंत्र उन्हीं का आवाहन करता है!*
*न गुरु अर्जुन देव जी, और न ही गुरु तेग बहादुर साहब जी, और दश्मेश पिता गुरू गोबिन्द सिंह जी, अपने साथ होने वाले विधि के विधान को टाल सके, जबकि आप सब समर्थ थे!*
*रामकृष्ण परमहंस भी अपने कैंसर को न टाल सके!*
*न रावण अपने जीवन को बदल पाया, न ही कंस, जबकि दोनों के पास समस्त शक्तियाँ थी!*
*मानव अपने जन्म के साथ ही जीवन, मरण, यश, अपयश, लाभ, हानि, स्वास्थ्य, बीमारी, देह, रंग, परिवार, समाज, देश-स्थान सब पहले से ही निर्धारित करके आता है!*
*इसलिए सरल रहें, सहज, मन, वचन और कर्म से सद्कर्म में लीन रहें!*
*मुहूर्त न जन्म लेने का है, न मृत्यु का, फिर शेष अर्थहीन है!*
Thursday, May 8, 2025
सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी से करे।
अपने व्यक्तिगत जीवन को निजी रखें।
1. सोशल मीडिया पर अपनी खुश शादी का विज्ञापन न करें
2. सोशल मीडिया पर अपने बच्चों की उपलब्धियों का विज्ञापन न करें
3. सोशल मीडिया पर अपनी महंगी खरीददारी का विज्ञापन न करें वास्तविकता यह है...
1. हर कोई आपके लिए खुश नहीं होने वाला है
2. आपके द्वारा प्राप्त अधिकांश "अच्छी" टिप्पणियां सिर्फ नकली हैं
3. बुरी नजर ही लगेगी आप को और आपके परिवार को
4. आप अपने जीवन में ईर्ष्यालु लोगों को आकर्षित कर रहे हैं
5. आप नहीं जानते कि कौन आपकी तस्वीरों को सेव कर रहा है और आपके अपडेट की जाँच कर रहा है
6. आपको वास्तव में इसे रोकने की जरूरत है क्योंकि यह आपके जीवन, परिवार, शादी और कैरियर को बर्बाद कर सकता है।
सोशल मीडिया शैतान की आँखें, कान और मुंह है, शैतान के जाल में मत आना। अपने निजी जीवन को निजी रहने दो।
Saturday, May 3, 2025
Friday, January 31, 2025
Monday, January 27, 2025
Article of Dainik Bhaskar about online e commerce complaints
This article was published in Dainik Bhaskar on January 26, 2025, about any e-commerce website's non-performance . This is a good informative article.
Friday, January 24, 2025
समय और धैर्य....
समय और धैर्य....
एक साधु था, वह रोज घाट के किनारे बैठकर चिल्लाया करता था, "जो चाहोगे सो पाओगे, जो चाहोगे सो पाओगे। बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नही देता था और सब उसे एक पागल आदमी समझते थे। एक दिन एक युवक वहाँ से गुजरा और उसने उस साधु की आवाज सुनी, जो चाहोगे सो पाओगे, जो चाहोगे सो पाओगे" और आवाज सुनते ही उसके पास चला गया।
उसने साधु से पूछा - महाराज आप बोल रहे थे कि ‘जो चाहोगे सो पाओगे’ तो क्या आप मुझको वो दे सकते हो जो मैँ जो चाहता हूँ ?
साधु उसकी बात को सुनकर बोला - हाँ बेटा तुम जो कुछ भी चाहता है मैं उसे जरुर दुँगा, बस तुम्हे मेरी बात माननी होगी। लेकिन पहले ये तो बताओ कि तुम्हे आखिर चाहिये क्या ?
युवक बोला - मेरी एक ही ख्वाहिश है मैं हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनना चाहता हूँ।
साधू बोला - कोई बात नहीँ मैँ तुम्हे एक हीरा और एक मोती देता हूँ, उससे तुम जितने भी हीरे मोती बनाना चाहोगे बना पाओगे ! और ऐसा कहते हुए साधु ने अपना हाथ आदमी की हथेली पर रखते हुए कहा - पुत्र, मैं तुम्हे दुनिया का सबसे अनमोल हीरा दे रहा हूं, लोग इसे "समय" कहते हैं, इसे तेजी से अपनी मुट्ठी में पकड़ लो और इसे कभी मत गंवाना, तुम इससे जितने चाहो उतने हीरे बना सकते हो"।
युवक अभी कुछ सोच ही रहा था कि साधु उसका दूसरी हथेली पकड़ते हुए बोला - पुत्र, इसे पकड़ो, यह दुनिया का सबसे कीमती मोती है, लोग इसे "धैर्य" कहते हैं, जब कभी समय देने के बावजूद परिणाम ना मिलें तो इस कीमती मोती को धारण कर लेना, याद रखना जिसके पास यह मोती है, वह दुनिया में कुछ भी प्राप्त कर सकता है।
युवक गम्भीरता से साधु की बातों पर विचार करता है और निश्चय करता है कि आज से वह कभी अपना समय बर्बाद नहीं करेगा और हमेशा धैर्य से काम लेगा और ऐसा सोचकर वह हीरों के एक बहुत बड़े व्यापारी के यहाँ काम शुरू करता है और अपने मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक दिन खुद भी हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनता है।
'समय और धैर्य' वह दो हीरे-मोती हैं जिनके बल पर हम बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। अतः ज़रूरी है कि हम अपने कीमती समय को बर्वाद ना करें और अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए धैर्य से काम लें।
Tuesday, September 24, 2024
जीवन के अंतिम चरण के कुछ उपाय
Friday, May 24, 2024
Sunday, March 31, 2024
Friday, January 5, 2024
आपका कहा एक वाक्य क्या प्रभाव दिखाता है?
Wednesday, November 29, 2023
Sunday, June 4, 2023
जब मैं बूढा हो जाऊं - एक पिता की कलम से
Saturday, May 27, 2023
Very Good Advice received on old age and inspirational also how to live life.
Thursday, May 4, 2023
REVERSE PARENTING
One should take Care of parents in such a way as parents did ours when we were kids.
inspiring story from Chef Vikas Khanna at Ted
A great inspiring story from Chef Vikas Khanna at Ted . Watch it
Wednesday, May 3, 2023
Sunday, April 9, 2023
Friday, April 7, 2023
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Recent post carries views of different people of society on sky rocketing prices of common items and also one editorial of Punjab Kesari an...
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The list of all the Chief Ministers of Haryana since its inception in 1966 has been published by Punjab Kesari after the swearing-in ceremon...
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It is matter of debate since long in India and also a public Interest Litigation (PIL) is also pending in the Supreme Court that the voters ...

