Monday, September 13, 2021

सामयिक_लेख पढें अवश्य...

#सामयिक_लेख पढें अवश्य.....

कुछ साल पहले जब मैंने पहली बार बीएमडब्लू कार खरीदी थी, तब मुझे पता चला था कि इसमें स्टेपनी नहीं होती।
स्टेपनी नहीं होती? मतलब?
मतलब इसकी डिक्की में वो अतिरिक्त पहिया नहीं होता, जो आम तौर पर सभी गाड़ियों में होता है। और इसके पीछे तर्क ये था कि इस गाड़ी में रन फ्लैट टायर लगे होते हैं।
रन फ्लैट टायर का मतलब ऐसे टायर, जो पंचर हो जाने के बाद भी कुछ दूर चल सकते हैं। 
भारत में जब बीएमडब्लू गाड़ियां लांच हुई थीं, तब कंपनी के लोगों ने यहां की सड़कों का ठीक से अध्ययन नहीं किया था। यूरोप और अमेरिका में ये गाड़ियां सफलता पूर्वक चल रही थीं, तो उसकी वज़ह ये थी कि वहां सड़कें काफी अच्छी होती हैं, और दूसरी बात ये कि जगह-जगह कंपनी के सर्विस सेंटर भी होते हैं।
मैंने जब बीएमडब्लू कार खरीदी, तो मुझे बताया गया कि इसमें एक्स्ट्रा टायर की न ज़रूरत है, न जगह। 
अब स्टेपनी नहीं होने का अर्थ ये तो नहीं था कि गाड़ी पंचर ही नहीं होगी। एक दिन गाड़ी पंचर हो गई। मैं गाड़ी चलाता रहा। कायदे से ये टायर पंचर होने के बाद पचास किलोमीटर तक चल सकते हैं, पर पचास किलोमीटर की दूरी पर बीएमडब्लू का सर्विस स्टेशन होना चाहिए। मेरी गाड़ी पंचर हुई, दिल्ली-जयपुर के रास्ते पर। मैं गाड़ी घसीटता रहा, आख़िर में टायर पूरी तरह फट गया। रास्ते मे किसी टायर वाले के पास मेरी गाड़ी का इलाज़ तब नहीं था। मैं उस समस्या से कैसे निकला, ये कभी बताऊंगा, पर आज तो यही कि मैंने कंपनी में शिकायत की, तो कंपनी ने कहा कि मुझे एक 'डोनट' टायर गाड़ी में रखना चाहिए।
अब डोनट टायर क्या होते हैं?
अमेरिका में खाई जाने वाली एक मिठाई को डोनट कहते हैं। आटे और चीनी की यह गोल सी मिठाई होती है। अगर जलेबी उलझी हुई न हो, सिर्फ गोल हो, तो वो भी डोनट की तरह दिखेगी। 
भारत में कारोबार कर रही बीएमडब्लू कंपनी यह समझ चुकी थी कि यहां की सड़कों पर बिना एक्स्ट्रा टायर के गाड़ी नहीं चल सकती, तो उन्होंने एक पतले से टायर को डोनट टायर के नाम पर बेचना शुरू कर दिया था। 
यह एक तरह से मोटर साइकिल के टायर जैसा एक टायर होता है, जिसे इमरजंसी में आप पंचर पहिए की जगह लगा कर कुछ किलोमीटर की दूरी धीरे-धीरे तय कर सकते हैं। कुछ किलोमीटर यानी कुछ ही किलोमीटर। इसे लगा कर आप न गाड़ी फर्राटे से चला सकते हैं, न बहुत दूर जा सकते हैं। 
मैंने डोनट टायर भी खरीद लिया। गाड़ी में उसे रखने की जगह नहीं थी, पर मैंने किसी तरह पीछे रख लिया।
हाय रे मेरी किस्मत!! 
एक बार मथुरा जाते हुए मेरी गाड़ी फिर पंचर हो गई। मैंने बहुत मशक्कत से पंचर पहिया की जगह डोनट टायर लगा दिया। डोनट टायर की मदद से मैं मथुरा तो पहुंच गया, पर वहां कहीं बीएमडब्लू का सर्विस सेंटर नहीं मिला। अब रन फ्लैट टायर का क्या करूं? डोनट टायर से वहां पहुंच तो गया, पर वापसी कैसे हो?
उस दिन भी मैं भारी मुश्किल में पड़ा। रन फ्लैट टायर हर जगह मिलते नहीं थे, उनकी मरम्मत भी हर जगह तब नहीं हुआ करती थी। ऐसे में गाड़ी तो थी, पर चल नहीं सकती थी। 
टायर और गाड़ी की पूरी कहानी फिर कभी सुनाऊंगा। आज तो इतना ही कि मैं उस गाड़ी से इतना परेशान हो गया था कि मैंने गाड़ी ही बदल दी। 
खैर, आज मुझे उस बारे में बात नहीं करनी। 
आज तो मैं आपसे रिश्तों की स्टेपनी की बात करने जा रहा हूं।
कल ही मुझे पता चला कि मेरी एक परिचित, जो दिल्ली में अकेली रहती हैं, उनकी तबियत ख़राब है। मैं उनसे मिलने उनके घर गया। 
वो कमरे में अकेली बिस्तर पर पड़ी थीं। घर में एक नौकरानी थी, जो आराम से ड्राइंग रूम में टीवी देख रही थी। मैंने दरवाजे की घंटी बजाई, तो नौकरानी ने दरवाज़ा खोला और बड़े अनमने ढंग से उसने मेरा स्वागत किया। ऐसा लगा जैसे मैंने नौकरानी के आराम में खलल डाल दी हो। 
मैं परिचित के कमरे में गया, तो वो लेटी थीं, काफी कमज़ोर और टूटी हुई सी नज़र आ रही थीं। 
मुझे देख कर उन्होंने उठ कर बैठने की कोशिश कीं। मैंने सहारा देकर उन्हें बिस्तर पर बिठाया। 
मेरी परिचित चुपचाप मेरी ओर देखती रहीं, फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ? 
परिचित मेरे इतना पूछने पर बिलख पड़ीं। कहने लगीं, "बेटा अब ज़िंदगी में अकेलापन बहुत सताता है। कोई मुझसे मिलने भी नहीं आता।" इतना कह कर वो रोने लगीं। कहने लगीं, " बेटा, मौत भी नहीं आती। अकेले पड़े-पड़े थक गई हूं। पूरी ज़िंदगी व्यर्थ लगने लगी है।"
मुझे याद आ रहा था कि इनके पति एक ऊंचे सरकारी अधिकारी थे। जब तक वो रहे, इनकी ज़िंदगी की गाड़ी बीएमडब्लू के रन फ्लैट टायर पर पूरे रफ्तार से दौड़ती रही। इन्होंने कई मकानों, दुकानों, शेयरों में निवेश किया, लेकिन रिश्तों में नहीं किया। तब इन्हें लगता था कि ज़िंदगी मकान, दुकान और शेयर से चल जाएगी। इन्होंने घर आने वाले रिश्तेदारों को बड़ी हिकारत भरी निगाहों से देखा। इन्हें यकीन था कि ज़िंदगी की डिक्की में रिश्तों की स्टेपनी की ज़रूरत नहीं। एक बेटा था और तमाम बड़े लोगों के बेटों की तरह वो भी अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ता हुआ अमेरिका चला गया। एक दिन पति संसार से चले गए, मेरी परिचित अकेली रह गईं। 
ज्यादा विस्तार में क्या जाऊं, इतना ही बता दूं कि ये यहां पिछले कई वर्षों से अकेली रहती हैं। 
क्योंकि इन्होंने अपने घर में रिश्तों की स्टेपनी की जगह ही नहीं रखी थी, तो इनसे मिलने भी कोई नहीं आता। अब गाड़ी है, तो पंचर तो हो ही सकती है। तो एक दिन इन्होंने नौकरानी रूपी डोनट स्टेपनी देखभाल के लिए रख ली। 
कल जब मैं अपनी परिचित के घर गया, तो रिश्तों की वो डोनट स्टेपनी ड्राइंग रूम में टीवी देख रही थी। मेरी परिचित अपने कमरे में बिस्तर पर कुछ ऐसे लेटी पड़ी थीं जैसे मथुरा में अपनी गाड़ी के पंचर हो जाने के बाद जब तक कंपनी से कोई गाड़ी उठाने नहीं आया, मैं पड़ा था।
*** 
गाड़ी सस्ती हो या महंगी उसमें अतिरिक्त टायर का होना ज़रुरी है। स्टेपनी के बिना कितनी भी बड़ी और महंगी गाड़ी हो, पंचर हो गई, तो किसी काम की नहीं रहती। 
ज़िंदगी में चाहे सब कुछ हो, अगर आपके पास सुख-दुख के लिए रिश्ते नहीं, तो आपने जितनी भी हसीन ज़िंदगी गुजारी हो, एक दिन वो व्यर्थ नज़र आने लगेगी। 
उठिए, आज ही अपनी गाड़ी की डिक्की में झांकिए कि वहां स्टेपनी है या नहीं। है तो उसमें हवा ठीक है या कम हो गई है। 
उठिए और आज ही अपनी ज़िंदगी की डिक्की में भी झांकिए कि उसमें रिश्तों की स्टेपनी है या नहीं। है तो उसमें मुहब्बत बची है या कम हो गई है। 
ध्यान रहे, डोनट टायर के भरोसे कार कुछ किलोमीटर की ही दूरी कर पाती है, पूरा सफर तय करने के लिए तो पूरे पहिए की ही ज़रूरत होती है। 

पुन:-
अमेरिका और यूरोप में सड़कें अच्छी हैं, तो वहां शायद रन फ्लैट टायर वाली गाड़ियां साथ निभा भी जाती हैं। 
वहां सरकार आम आदमी को सामाजिक सुरक्षा देती है, तो आदमी तन्हा भी किसी तरह जी लेता है। 
लेकिन हमारे यहां न सड़कें अच्छी हैं, न कोई सामाजिक सुरक्षा है। ऐसे में हमें गाड़ी के पीछे पूरा टायर भी चाहिए और ज़िंदगी के पीछे पूरे रिश्ते भी। जो चूका, समझिए वो चूक ही गया।
 साभार पता नही किसने लिखा परन्तु अच्छा लिखा व्हाट्सएप से कापी पेस्ट 🙏🙏

Thursday, September 2, 2021

Four Lessons

*Four lessons* 


A mouse was put on the top of a jar filled with grains. He was  happy to find so much food around him. Now he didn't need to run around searching for food and could happily eat as much as he wanted.

After some time he reached to the bottom of the jar. 

Now he was trapped and he could not come out of it. 
He had to depend upon someone to put grains in the same jar for him to survive.

He may not get the grain of his choice and he had to feed on whatever may be put into the jar.

Here are 4 lessons from this:

1) Short term pleasures can lead to long-term traps. 

2) If things are coming easy and you are getting comfortable, you are getting trapped into survival mode.

3) When you are not using your skills, you are losing your more than your skills. You lose the CHOICE.  

4) Right Action has to be taken at the right time, or else you will lose whatever you have.

Monday, August 30, 2021

दिल को छूने वाली दो घटनाये।

*#टोक्यो_ओलम्पिक 2021_की_2 महान_घटनाएं जो स्वर्णिम इतिहास बन गईं* 

            *पहली घटना*

*केनिया के सुप्रसिद्ध धावक अबेल मुताई आलंपिक प्रतियोगिता में अंतिम राउंड में दौडते वक्त अंतिम लाइन से कुछ मीटर ही दूर थे और उनके सभी प्रतिस्पर्धी पीछे थे।*

*अबेल ने स्वर्ण पदक लगभग जीत ही लिया था,,,*

*इतने में कुछ गलतफहमी के कारण वे अंतिम रेखा समझकर एक मिटर पहले ही रुक गए।*

*उनके पीछे आनेवाले #स्पेन के इव्हान_फर्नांडिस के ध्यान में आया कि अंतिम रेखा समझ नहीं आने की वजह से वह पहले ही रुक गए।*

*उसने चिल्लाकर अबेल को आगे जाने के लिए कहा लेकिन स्पेनिश नहीं समझने की वजह से वह नही हिला।*

*आखिर मे इव्हान ने उसे धकेल कर अंतिम रेखा तक पहूंचा दिया ।*

*इस कारण अबेल का प्रथम तथा इव्हान का दूसरा क्रमांक आया।*

*पत्रकारों ने इव्हान से पूछा तुमने ऐसा क्यों किया ?*

*मौका मिलने के बावजूद तुमने प्रथम क्रमांक क्यों गंवाया ?*

*इव्हान ने कहा "मेरा सपना है कि हम एक दिन ऐसी मानवजाति बनाएं जो एक दूसरे को मदद करेगी ना कि उसकी भूल से फायदा उठाएगी।*

*मैने प्रथम क्रमांक नहीं गंवाया।*

*पत्रकार ने फिर कहा लेकिन तुमने कीनियाई प्रतिस्पर्धी को धकेलकर आगे लाए ।* 

*इस पर इव्हान ने कहा "वह प्रथम था ही, यह प्रतियोगिता उसी की थी।"*

*पत्रकार ने फिर कहा " लेकिन तुम स्वर्ण पदक जीत सकते थे" "तुम समझते हो उस जीतने का क्या अर्थ होता।* 

*मेरे पदक को सम्मान मिलता ?*

*मेरी मां ने मुझे क्या कहा होता ?*

*संस्कार एक पीढी से दूसरी पीढी तक आगे जाते रहते है।*

*मैने अगली पीढी को क्या दिया होता ?*

*"दूसरों की दुर्बलता या अज्ञान का फायदा न उठाते हुए उनको मदद करने की सीख मेरी मां ने मुझे दी है।"*

                *दूसरी घटना*

*टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों की हाई जम्प फाइनल।*

*फाइनल में इटली के जियान मारको टेम्पबरी का सामना क़तर के मुताज़ इसा बर्शिम से हुआ।*

*दोनों ने 2.37 मीटर की छलांग लगाई और बराबरी पर रहे !*

*उसके बाद ओलंपिक अधिकारियों ने उनमें से प्रत्येक को तीन और प्रयास दिए,,,*

*लेकिन वे 2.37 मीटर से अधिक तक नहीं पहुंच पाए।*

*उन दोनों को एक और प्रयास दिया गया, लेकिन उसी वक़्त टाम्पबेरी पैर में गंभीर चोट के कारण अंतिम प्रयास से पीछे हट गए।* 

*ये वो क्षण था जब मुताज़ बरशिम के सामने कोई दूसरा विरोधी नहीं था औऱ उस पल वह आसानी से अकेले सोने को जीत सकते थे !*

*लेकिन बर्शिम के दिमाग में कुछ घूम रहा था औऱ फ़िर कुछ सोचकर उसने एक अधिकारी से पूछा,,,*

*"अगर मैं भी अंतिम प्रयास से पीछे हट जाऊं तो क्या हम दोनों के बीच गोल्ड मैडल साझा किया जा सकता है ?"*

*कुछ देर बाद एक आधिकारी जाँच कर पुष्टि करता है और कहता है "हाँ बेशक गोल्ड आप दोनों के बीच साझा किया जाएगा"।* 

*बर्शिम के पास और ज्यादा सोचने के लिए कुछ नहीं था ।*

*उसने आखिरी प्रयास से हटने की घोषणा की।*

*यह देख इटली का प्रतिद्वन्दी ताम्बरी दौड़ा और मुताज़ बरसीम को गले लगा कर चिल्लाया !*
*दोनों भावुक होकर रोने लगे।*

*लोगों ने जो देखा वह खेलों में प्यार का एक बड़ा हिस्सा था जो दिलों को छूता है।*

*यह अवर्णनीय खेल भावना को प्रकट करता है जो धर्मों, रंगों और सीमाओं को अप्रासंगिक बना देता है !!!*

*इंसान का किरदार किसी भी मैडल से बड़ा है ।*

एक अच्छा लेख whatsapp पर मिला।

यह विश्लेषण मेरे व्यापारिक गुरुदेव जी ने साझा किया था और मैं आप सभी से साझा कर रहा हूं ll
*बुढापा पैरों से शुरु होता है*
*(विशेषतः मेरे सीनियर सिटीजन मित्रों के लिए)*
मुझे आज उपरोक्त में एक समझने लायक लेख मिला। मैं तो रोज कम से कम 45 मिनट लगातार पैदल चलता हूं जो मेरे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है व यही सीनियर सिटीजन्स हेतु सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। इस लेख में पैदल चलने के और भी फायदे बताए हैं। मैं पैरों के नर्व्स और वेंस के लिए स्ट्रेच एक्सरसाइज़ में अलाली कर लेता था, जो अब नही करूँगा। क्योंकि पिंडली को कुछ लोग इसमें नर्व्स और वेंस के कारण इसे छोटा दिल जो कहते हैं। शायद ये लेख आपको भी उचित लगे।
*बुढ़ापा पैरों से ऊपर की ओर शुरू होता है !  अपने पैरों को सक्रिय और मजबूत रखें !!*
जैसे-जैसे हम साल ढलते जाते हैं और रोजाना बूढ़े होते जाते हैं, हमारे पैर हमेशा सक्रिय और मजबूत बने रहने चाहिए।
जैसा।  हम लगातार बूढ़े हो रहे हैं / वृद्ध हो रहे हैं, हमें  बालों के भूरे (या) त्वचा के झड़ने (या) झुर्रियों से डरना नहीं चाहिए।
दीर्घायु के संकेतों में, जैसा कि अमेरिकी पत्रिका "रोकथाम" द्वारा सारांशित किया गया है, मजबूत पैर की मांसपेशियों को शीर्ष पर सूचीबद्ध किया गया है, क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक है।
यदि आप दो सप्ताह तक अपने पैर नहीं हिलाते हैं, तो आपके पैरों की ताकत 10 साल कम हो जाएगी।
डेनमार्क में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि वृद्ध और युवा दोनों, *निष्क्रियता* के दो हफ्तों के दौरान, पैरों की मांसपेशियों की ताकत *एक तिहाई * कमजोर हो सकती है जो *20 से 30 साल की उम्र के बराबर है।*
जैसे-जैसे हमारे पैर की मांसपेशियां कमजोर होती हैं, ठीक होने में लंबा समय लगेगा, भले ही हम बाद में पुनर्वास और व्यायाम करें।
इसलिए, *चलना जैसे नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है*।
पूरे शरीर का भार/ भार पैरों पर रहता है और आराम करता है। पैर एक प्रकार के स्तंभ हैं, जो मानव शरीर के पूरे भार को वहन करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि किसी व्यक्ति की 50% हड्डियाँ और 50% मांसपेशियाँ दोनों पैरों में होती हैं। मानव शरीर के सबसे बड़े और मजबूत जोड़ और हड्डियां भी पैरों में होती हैं।मजबूत हड्डियां, मजबूत मांसपेशियां और लचीले जोड़ "आयरन ट्राएंगल" का निर्माण करते हैं जो सबसे महत्वपूर्ण भार यानी *मानव शरीर को वहन करता है।*
 ️70% मानव गतिविधि और किसी के जीवन में ऊर्जा का जलना दो पैरों से होता है।
क्या आप यह जानते हैं?  जब इंसान जवान होता है तो उसकी *जांघों में इतनी ताकत होती है कि वह 800 किलो की छोटी कार को उठा सके।
पैर शरीर की हरकत का केंद्र है*।
दोनों पैरों में मिलकर मानव शरीर की 50% नसें, 50% रक्त वाहिकाएं और 50% रक्त उनमें से बहता है।
यह सबसे बड़ा संचार नेटवर्क है जो शरीर को जोड़ता है।
केवल जब पैर स्वस्थ होते हैं तब रक्त की कन्वेंशन धारा सुचारू रूप से प्रवाहित होती है, इसलिए जिन लोगों के पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, उनका हृदय निश्चित रूप से मजबूत होता है।
बुढ़ापा पैरों से ऊपर की ओर शुरू होता है।*
जैसे-जैसे व्यक्ति बड़ा होता है, मस्तिष्क और पैरों के बीच निर्देशों के संचरण की सटीकता और गति कम हो जाती है, इसके विपरीत जब कोई व्यक्ति युवा होता है।
इसके अलावा, तथाकथित अस्थि उर्वरक कैल्शियम जल्दी या बाद में समय बीतने के साथ खो जाएगा, जिससे बुजुर्गों को हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा अधिक हो जाएगा।
बुजुर्गों में अस्थि भंग आसानी से जटिलताओं की एक श्रृंखला को ट्रिगर कर सकता है, विशेष रूप से घातक रोग जैसे मस्तिष्क घनास्त्रता।
क्या आप जानते हैं कि आम तौर पर 15 फीसदी बुजुर्ग मरीजों की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर के एक साल के भीतर मौत हो जाती है।  ?
पैरों की एक्सरसाइज करने में कभी देर नहीं लगती, 60 साल की उम्र के बाद भी।*
हालांकि समय के साथ हमारे पैर/पैर धीरे-धीरे बूढ़े हो जाएंगे, लेकिन हमारे पैरों/पैरों का व्यायाम करना जीवन भर का काम है।
केवल पैरों को मजबूत करके ही आगे बढ़ती उम्र को रोका जा सकता है या कम किया जा सकता है।
कृपया रोजाना कम से कम 30-40 मिनट टहलें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पैरों को पर्याप्त व्यायाम मिले और यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पैर की मांसपेशियां स्वस्थ रहें।
यदि आप सहमत हैं तो आपको इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ साझा करना चाहिए, क्योंकि हर कोई दैनिक आधार पर बूढ़ा हो रहा हैll
🚩🚩🚩जय श्री राम🚩🚩🚩🚩🙏

Sunday, August 29, 2021

45 की उम्र के बाद रेगुलर exercise क्यों जरूरी?

शुक्रवार 27 अगस्त 2021 के दैनिक भास्कर के अंक में यह आर्टिकल उन लोगो के लिए जिनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है।

Friday, August 20, 2021

जीवन दर्शन

*एक बुजुर्ग के सिर पर 8 बाल थे..*
*वो नाई की दुकान गया तो नाई ने गुस्से से पूछा : क्या करूँ, "गिनू की काटू?"*

*बूढ़े ने हँस कर कहा : "कलर कर दो !!"*
*और दोनों हँस दिए !*

*जीवन आनंद के लिए है, चाहे जो हो, बस मुस्कुराते रहो !!*

*यदि आप चिंतित हो, तो खुद को थोड़ा आराम दो,*
*कुछ हलवा, रबड़ी, मलाई लो...*

*अंग्रेजी वर्ण हमें सिखाते हैं...*
*A B C....*
*Avoid Boring Company*
*मायूस संगत से दूर रहो*

*D E F...*
*Don't Entertain Fools*
*मूर्खों पर समय व्यर्थ मत करो*

*G H I....*
*Go For High Ideas*
*ऊंचे विचार रखो*

*J K L M....*
*Just Keep a friend like Me*
*मेरे जैसा मित्र रखो*

*N O P...*
*Never Overlook the Poor n Suffering*
*गरीबों व पीडितों को कभी अनदेखा मत करो*

*Q R S.*.
*Quit Reacting to Silly tales*
*मूर्खों की बातों पर प्रतिक्रिया मत दो*

*T U V....*
*Tune Urself for ur Victory*
*खुद की जीत सुनिश्चित करो*

*W X Y Z...*.
*We Xpect You to Zoom ahead in life*
*हम आपसे जीवन मे आगे देखने की आशा करते हैं !!*

*यदि आपने चाँद को देखा, तो आपने ईश्वर की सुन्दरता देखी। यदि आपने सूर्य को देखा, तो आपने ईश्वर का बल देखा,और यदि आपने आइना देखा तो आपने ईश्वर की सबसे सुंदर रचना देखी। इसलिए आप सभी स्वयं पर विश्वास रखो !!*

Beautiful quote